क्या अमेरिकी गोला-बारूद की कमी ने ट्रंप का ईरान पर रुख बदला?
राजनीतिक विश्लेषक तारिक शामी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का फैसला गोला-बारूद की कमी के चलते बदला और कूटनीति को मौका दिया।
मुख्य बिंदु
AIराजनीतिक विश्लेषक तारिक शामी का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करने के फैसले से पीछे हटने और कूटनीति व बातचीत का रास्ता अपनाने का कारण, उनके आकलन में, अमेरिका के पास गोला-बारूद और रणनीतिक मिसाइलों की घटती भंडार क्षमता थी।
शामी ने 'अलअरबिया एफएम' रेडियो पर दिए बयान में बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख ने ट्रंप को आगाह किया था कि अमेरिका के पास पर्याप्त रणनीतिक मिसाइलों का भंडार नहीं है।
उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होते ही इन भंडारों में कमी आनी शुरू हो गई थी, और संभवतः यही वजह थी कि ट्रंप ने ईरान पर हमला न करने और कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने का फैसला किया।
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शामी ने यह भी बताया कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने कांग्रेस से 67 अरब डॉलर की आपातकालीन फंडिंग की औपचारिक मांग की है, ताकि ईरान के साथ लगातार सैन्य टकराव के चलते घटे गोला-बारूद और रणनीतिक मिसाइलों के भंडार की भरपाई की जा सके।
