क्या आश्रित के काम करने से 'हिसाब अल-मुवातिन' में सहायता राशि बदलती है
हिसाब अल-मुवातिन कार्यक्रम ने स्पष्ट किया है कि आश्रित के काम करने से परिवार की सहायता राशि पर क्या असर पड़ता है।
मुख्य बिंदु
AIहिसाब अल-मुवातिन कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया है कि अगर कोई आश्रित काम करने लगता है तो क्या इससे परिवार को मिलने वाली सहायता राशि पर असर पड़ता है।
कार्यक्रम ने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक लाभार्थी के सवाल के जवाब में बताया कि आश्रित के काम करने से पात्रता पर कोई असर नहीं पड़ता, लेकिन अगर आश्रित की आय है तो उसकी जानकारी देना जरूरी है और यह आय परिवार की कुल आय में जोड़ी जाएगी।
कार्यक्रम ने यह भी बताया कि सहायता की राशि और पात्रता की सीमा जानने के लिए अनुमानित सहायता कैलकुलेटर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
आश्रित का विवाह
हिसाब अल-मुवातिन कार्यक्रम ने कहा कि अगर कोई आश्रित शादी कर लेता है तो वह मुख्य लाभार्थी (परिवार के मुखिया) के खाते में अब पात्र नहीं रहेगा।
कार्यक्रम ने स्पष्ट किया कि अगर सामाजिक स्थिति 'विवाहित' हो जाती है तो पात्रता की स्थिति 'अयोग्य' मानी जाएगी (परिवार के मुखिया/पिता के खाते में)।
कार्यक्रम ने पहले भी इस बात पर जोर दिया है कि मुख्य आवेदक को अपने सभी आश्रितों को सहायता डेटा में शामिल करना जरूरी है।
कार्यक्रम ने जोड़ा कि मुख्य आवेदक के लिए अपने सभी आश्रितों को कार्यक्रम में जोड़ना अनिवार्य है, ताकि उसकी पात्रता और सहायता राशि पर कोई असर न पड़े।
