रूस-यूक्रेन संघर्ष: हमलों का दौर और शांति नदारद
रूस-यूक्रेन संघर्ष लगातार जवाबी हमलों में बदल गया है, जबकि शांति बहाल करने की कोई ठोस प्रक्रिया नहीं दिख रही है।
मुख्य बिंदु
AIरूस-यूक्रेन संघर्ष अब लगातार जवाबी हमलों के सिलसिले में बदल गया है, जबकि शांति बहाल करने की कोई व्यावहारिक प्रक्रिया नज़र नहीं आ रही है।
पिछले कुछ घंटों में रूस ने घोषणा की है कि उसकी सेना ने काला सागर में सैन्य सामान ले जा रही एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाया है। इससे एक दिन पहले रूस ने यूक्रेनी सेना के लिए ईंधन भंडारों पर हमला किया था। रूस ने हवाई हमलों और ड्रोन के ज़रिए ओडेसा बंदरगाह में यूक्रेनी सशस्त्र बलों के लिए ईंधन टैंकों को भी निशाना बनाया।
वहीं, यूक्रेन भी रूसी ठिकानों पर ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी रखे हुए है। यूक्रेनी अभियानों में बेलगोरोद, ब्रायंस्क, वोल्गोग्राद, वोरोनिश, कालूगा, कुर्स्क, लिपेत्स्क, ओरियोल, रोस्तोव, रियाज़ान, सारातोव, तांबोव, तुला, मॉस्को, क्रीमिया गणराज्य, क्रास्नोदार क्षेत्र और आज़ोव व काला सागर के जलक्षेत्र शामिल हैं। रूस ने पश्चिमी इलाकों में 635 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है।
रूस अपनी कार्रवाई में 'भंडार की थकावट' की रणनीति अपना रहा है और यूक्रेन की राजधानी समेत अन्य शहरों पर हमले तेज़ कर दिए हैं। इस बीच, यूक्रेन में बैलिस्टिक मिसाइलों को गिराने में सक्षम वायु रक्षा प्रणालियों की भारी कमी देखी जा रही है।
यूक्रेन भी रूस के अहम ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेनी सेना ने रूसी कालूगा में एक तेल भंडार, और सारातोव में एक तेल रिफाइनरी व एक एयरबेस पर हमले की घोषणा की है।
