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शनिवार, 25 जुलाई 2026 · रियाद
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यमनी मंत्री बोले: हूती हमले ईरानी एजेंडे के तहत, वैश्विक नौवहन पर खतरा

यमन के सूचना मंत्री ने कहा कि ईरान और हूती मिलिशिया की कार्रवाइयाँ अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सीधा खतरा बन गई हैं।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 3 मिनट का पठन
यमनी सूचना मंत्री मुअम्मर अल-इरयानी का बयान

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यमन के सूचना मंत्री मुअम्मर अल-इरयानी ने कहा है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड और हूती आतंकवादी मिलिशिया द्वारा पैदा किया गया खतरा अब केवल यमन या क्षेत्र के लिए सुरक्षा चुनौती नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की सबसे अहम जीवनरेखाओं में से एक के लिए सीधा खतरा बन गया है।

इरयानी ने आगे कहा कि यह स्थिति तब सामने आई है जब वाणिज्यिक जहाजों पर हमले, अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को खतरे में डालना और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले लगातार जारी हैं। यह सब ईरानी एजेंडे के तहत हो रहा है, जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय नौवहन सुरक्षा को कमजोर करना, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ब्लैकमेल करना और वैश्विक व्यापार व ऊर्जा आपूर्ति को अभूतपूर्व जोखिम में डालना है। यह बात यमनी समाचार एजेंसी ने बताई।

उन्होंने कहा कि हाल के हूती हमलों ने लाल सागर में ईरानी परियोजना को एक नए, अधिक आक्रामक और उकसावे वाले चरण में पहुंचा दिया है, जिसमें इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को राजनीतिक और सैन्य दबाव का साधन बनाया जा रहा है। तेहरान इसका इस्तेमाल तब करता है जब उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से किसी तरह की राजनीतिक या सैन्य चुनौती या दबाव का सामना करना पड़ता है।

यमनी सूचना मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह व्यवहार ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें वह अपने क्षेत्रीय एजेंटों का इस्तेमाल अस्थिरता फैलाने, नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बाधित करने के लिए करता है, भले ही इससे नागरिकों की जान और क्षेत्रीय व वैश्विक अर्थव्यवस्था को कितना भी नुकसान क्यों न हो।

इरयानी ने कहा कि ये घटनाक्रम दिखाते हैं कि हूती खतरे से निपटना केवल अस्थायी प्रतिक्रियाओं या सीमित उपायों तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय रणनीति की जरूरत है, जिसमें समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़े, प्रतिरोध क्षमता मजबूत हो, मिलिशिया की फंडिंग और हथियारों के स्रोत बंद हों और ईरान को अपने एजेंटों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ब्लैकमेल करने और दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक को खतरे में डालने से रोका जाए।

इरयानी ने कहा कि लाल सागर और बाब अल-मंडब की सुरक्षा केवल समुद्र में जहाजों की रक्षा से नहीं, बल्कि जमीन पर खतरे की जड़ को खत्म करने से होगी। इसके लिए यमनी राज्य और उसकी वैध संस्थाओं को समर्थन देना, उन्हें अपनी पूरी संप्रभुता वापस दिलाना और उन तटीय इलाकों से हूती आतंकवादी मिलिशिया का नियंत्रण खत्म करना जरूरी है, जिन्हें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नौवहन को धमकाने के लिए ठिकाना बना लिया है। उन्होंने कहा कि यमनी राज्य की पुनर्स्थापना सिर्फ यमन का आंतरिक मामला नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के प्रवाह की स्थिरता के लिए भी जरूरी है।

इरयानी ने अमेरिका के नेतृत्व में चल रही उन अंतरराष्ट्रीय कोशिशों की सराहना की, जिनका मकसद लाल सागर की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों ने आतंकी हमलों से निपटने, वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और व्यापार व ऊर्जा आपूर्ति के प्रवाह को बनाए रखने में अपनी प्रभावशीलता साबित की है।

गौरतलब है कि ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाकर इस मार्ग को अंतरराष्ट्रीय नौवहन के खिलाफ दबाव के साधन में बदलने की कोशिश कर रहा है। ईरान अपनी कार्रवाइयों को अमेरिका के साथ हस्ताक्षरित समझौते के पांचवें अनुच्छेद के तहत सही ठहराता है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान इस अनुच्छेद की अपनी सुविधा के अनुसार व्याख्या कर रहा है।

समझौते के पांचवें अनुच्छेद में कहा गया है कि 'ईरान को नौवहन फिर से शुरू करने, जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और सैन्य बाधाओं को हटाने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे', लेकिन वाशिंगटन का कहना है कि ईरान इस अनुच्छेद की गलत व्याख्या कर रहा है।

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