सामग्री पर जाएँ
शनिवार, 25 जुलाई 2026 · रियाद
العربيةEnglishन्यूज़लेटरसंपर्क
दुनिया

हरमुज़ गठबंधन के लिए अमेरिका-ब्रिटेन की तैयारी, नौवहन सुरक्षा प्राथमिकता

अमेरिका और ब्रिटेन अगले हफ्ते लंदन में उच्चस्तरीय बैठक करेंगे, जिसमें हरमुज़ जलडमरूमध्य में नौवहन सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन पर चर्चा होगी।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 3 मिनट का पठन
हरमुज़ जलडमरूमध्य में नौसैनिक जहाजों की सुरक्षा तैयारी

मुख्य बिंदु

AI

अमेरिका और ब्रिटेन अगले हफ्ते लंदन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें हरमुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक नौवहन की सुरक्षा के लिए संभावित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के गठन पर चर्चा होगी। दो यूरोपीय राजनयिकों और दो जानकार सूत्रों ने 'एक्सियस' को बताया कि बैठक की तारीख और एजेंडा अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन इसमें पश्चिमी और क्षेत्रीय देशों के रक्षा मंत्री और सैन्य कमांडर शामिल हो सकते हैं।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वॉशिंगटन हरमुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक शिपिंग को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है, जो ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने की किसी भी अमेरिकी रणनीति का अहम हिस्सा है और वैश्विक ऊर्जा बाजारों की स्थिरता के लिए भी जरूरी कदम है। इसमें अमेरिकी रक्षा मंत्री और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख के शामिल होने की संभावना है।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि अमेरिका और ब्रिटेन अगले हफ्ते यह सम्मेलन आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि वॉशिंगटन स्थित ब्रिटिश दूतावास ने टिप्पणी करने से इनकार किया। अमेरिका इससे पहले ब्रिटेन, फ्रांस और कई अन्य देशों के साथ जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए गठबंधन बनाने पर चर्चा कर चुका है, जिसमें कुछ देशों ने पहले लड़ाई रोकने की शर्त रखी है ताकि सुरक्षित हालात बन सकें।

अमेरिका चाहता है कि उसके सहयोगी देश क्षेत्र में सैन्य संसाधन भेजें, जिनमें बारूदी सुरंगों का पता लगाने और हटाने वाले जहाज, नौसैनिक पोत और ड्रोन शामिल हैं, ताकि नौवहन मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एक यूरोपीय राजनयिक के मुताबिक, अमेरिकी इस संकट से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ रहे हैं और उन्हें सहयोगियों के समर्थन की जरूरत है।

सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय वार्ताएँ

पिछले दो हफ्तों से ईरान ने हरमुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तट पर सैन्य ठिकानों पर रोज़ाना हमले किए। बीते चार दिनों में वाणिज्यिक जहाजों पर कोई ईरानी हमला दर्ज नहीं हुआ है। कुछ अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का मानना है कि अमेरिकी हमलों से ईरान की क्षमताएँ कमजोर हुई हैं, जबकि अन्य का कहना है कि ईरान अब भी जहाजों को निशाना बना सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरानी हमले जारी रहे तो वे पुलों और बिजलीघरों समेत तेहरान के भीतर भी हमले कर सकते हैं। जवाब में ईरान ने वॉशिंगटन के खाड़ी सहयोगी देशों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी।

यह तनाव तब बढ़ा जब ओमान, ईरान और कतर के बीच जलडमरूमध्य के लिए नई व्यवस्था पर बातचीत विफल हो गई। इसके बाद ईरानी उप विदेश मंत्री अब्बास अराकची परामर्श के लिए तेहरान लौटे और फिर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया। ओमानी प्रतिनिधिमंडल वार्ता फिर शुरू करने के लिए तेहरान पहुँचा, वहीं अराकची ने ओमानी विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी से समुद्री सुरक्षा और वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर चर्चा की। दोनों मंत्रियों ने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए सहयोग की अहमियत पर ज़ोर दिया।

टिप्पणियाँ (0)