तुर्की लेबनान की संप्रभुता और पुनर्निर्माण में सहयोग को तैयार: एर्दोआन
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन ने लेबनान को समर्थन दोहराया और दक्षिण लेबनान के पुनर्निर्माण में मदद का आश्वासन दिया।
मुख्य बिंदु
AIतुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन ने एक बार फिर लेबनान को समर्थन देने की बात दोहराई है। उन्होंने कहा कि अंकारा दक्षिण लेबनान के पुनर्निर्माण में योगदान देने, लेबनानी संस्थाओं की क्षमताओं को मजबूत करने और मानवीय व तकनीकी सहायता जारी रखने के लिए तैयार है।
एर्दोआन का यह बयान लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन के साथ अंकारा में हुई बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में आया। यह औन की राष्ट्रपति बनने के बाद तुर्की की पहली यात्रा थी, जो 2025 की शुरुआत में हुई।
तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार लेबनान की संप्रभुता सुनिश्चित करने वाली सभी पहलों का हिस्सा बनना चाहती है, खासकर मौजूदा अंतरराष्ट्रीय बलों (यूनिफिल) की वापसी के बाद। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंकारा इजरायली हमलों और कब्जे को रोकने के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों पर करीबी नजर रखे हुए है।
एर्दोआन ने यह भी कहा कि तुर्की दक्षिण लेबनान के पुनर्निर्माण में हरसंभव मदद देने को तैयार है, खासकर इजरायली हमलों के बाद। उन्होंने लेबनानी संस्थाओं को समर्थन और उनकी क्षमताओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वहीं, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि उनका देश अपनी संप्रभुता बहाल करने और संस्थाओं के पुनर्निर्माण की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "हम आज अपनी राज्य की संप्रभुता, अपने देश का पुनर्निर्माण और सभी लेबनानी नागरिकों के लिए सुरक्षित और स्थिर भविष्य के लिए पहले से कहीं अधिक दृढ़ हैं।"
बैठक में क्षेत्रीय हालात, खासकर इजरायल की नीतियों, दक्षिण लेबनान में इजरायली कब्जे और ईरानी युद्ध के असर पर भी चर्चा हुई, जिनका क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा प्रभाव है।
