इस्लामी सहयोग संगठन ने फिलिस्तीनियों पर बढ़ती हिंसा की निंदा की
इस्लामी सहयोग संगठन ने फिलिस्तीनी नागरिकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही की मांग की है।
मुख्य बिंदु
AIइस्लामी सहयोग संगठन ने फिलिस्तीनी नागरिकों के खिलाफ बढ़ती बस्तियों की हिंसा और सुनियोजित अपराधों की कड़ी निंदा की है। संगठन ने कहा कि ये घटनाएँ इजरायली कब्ज़ा बलों के प्रत्यक्ष समर्थन से कब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में हो रही हैं।
संगठन ने बताया कि हाल ही में नाबलुस प्रांत के 'तिल' और रामल्ला व अल-बैरा प्रांत के 'देर जरीर' कस्बों में गंभीर उल्लंघन हुए हैं। साथ ही गाजा पट्टी पर जारी हमलों में दर्जनों नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाएँ सामने आई हैं।
संगठन ने यह भी कहा कि इन हमलों में फिलिस्तीनियों की संपत्तियों को नष्ट किया गया, उनकी कृषि भूमि और घरों को जलाया गया और मवेशियों की चोरी की गई। यह सब पश्चिमी तट, गाजा पट्टी और यरुशलम में अवैध बस्तियों के विस्तार के बीच हो रहा है।
संगठन ने इस बढ़ती हिंसा के गंभीर परिणामों को लेकर चेतावनी दी और कहा कि ये कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून, अंतरराष्ट्रीय वैधता के फैसलों और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की सलाहकार राय का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
जवाबदेही और नागरिक सुरक्षा की अपील
संगठन के महासचिवालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं, खासकर सुरक्षा परिषद, से अपील की है कि वे फिलिस्तीनी जनता की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ संगठित अपराधों के लिए कब्ज़ा बलों और बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कानून के तहत जवाबदेह ठहराने की जिम्मेदारी निभाएँ।
संगठन ने सभी देशों से भी अपील की है कि वे कब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में अवैध बस्तियों और उनकी संस्थाओं को खत्म करने के प्रयास जारी रखें।
