लेबनान में बीस साल के भ्रष्टाचार की जांच शुरू, अरबों डॉलर की हेराफेरी उजागर
लेबनान दो दशकों के भ्रष्टाचार की फाइलें खोलने जा रहा है। शुरुआती जांच में अरबों डॉलर की बर्बादी सामने आई है।
मुख्य बिंदु
AIलेबनान दो दशकों के दौरान जमा हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच शुरू करने जा रहा है। इसका मकसद वित्तीय गड़बड़ियों के दायरे को उजागर करना है। शुरुआती जांच में अरबों डॉलर की बर्बादी का पता चला है, जैसा कि लेबनानी सूत्रों ने 'अल-हदस' चैनल को बताया।
सूत्रों के मुताबिक, लेबनान बीते बीस वर्षों के भ्रष्टाचार का खुलासा करने की दिशा में बढ़ रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दर्जनों अरब डॉलर का दुरुपयोग हुआ है। सूत्रों ने यह भी कहा कि 'हथियार के बदले भ्रष्टाचार' की नीति अब खत्म हो गई है।
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यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब लेबनान का केंद्रीय बैंक कथित गबन की गई रकम की वापसी के लिए कानूनी कार्रवाई कर रहा है। बैंक ने एक पूर्व अधिकारी और कई अन्य पूर्व बैंक अधिकारियों के खिलाफ संबंधित न्यायिक संस्थाओं में दो आपराधिक मुकदमे दायर किए हैं। इनमें एक व्यक्ति भी शामिल है, जिसने खुद को बैंकिंग क्षेत्र का निवेशक बताया।
केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में कहा कि ये मुकदमे गबन की गई रकम की पहचान और उसे लेबनान और विदेशों से वापस लाने की लगातार रणनीति का हिस्सा हैं, ताकि रकम असली हकदारों को लौटाई जा सके, जिनमें सबसे पहले जमाकर्ता शामिल हैं। हालांकि, आरोपियों के नाम उजागर नहीं किए गए हैं।
बैंक ने यह भी बताया कि दोनों मुकदमों में पेश किए गए तथ्यों और दस्तावेजों से पता चलता है कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक की रकम को अन्य उद्देश्यों में लगाया, जिससे बैंक और सार्वजनिक हित को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि अगर आरोप साबित होते हैं तो आरोपियों पर धोखाधड़ी, गबन, अवैध संपत्ति अर्जित करने, पद के दुरुपयोग, रिश्वतखोरी और संगठित आपराधिक गिरोह बनाने के आरोप लग सकते हैं।
बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि इन कानूनी कदमों का मकसद सिर्फ दोषियों की जवाबदेही तय करना नहीं, बल्कि गबन की गई रकम की वापसी और हुए नुकसान की भरपाई भी है। साथ ही, ये मुकदमे सिर्फ व्यक्तिगत जिम्मेदारियों पर केंद्रित हैं, न कि उन वाणिज्यिक बैंकों पर जिनमें आरोपी काम करते थे।
