मअरिब और अल-जौफ में हौती ठिकानों पर हमले में कई लड़ाके मारे गए
यमनी टेलीविजन ने शनिवार को बताया कि मअरिब और अल-जौफ में हौती मिलिशिया के कई सदस्य हवाई हमलों में मारे गए। इन हमलों में मिसाइल लॉन्चर, कात्यूशा बेस और हथियार डिपो को निशाना बनाया गया।
मुख्य बिंदु
AIयमनी टेलीविजन ने शनिवार को बताया कि मअरिब और अल-जौफ में हौती मिलिशिया के कई सदस्य उनके ठिकानों पर हमलों में मारे गए।
टेलीविजन के अनुसार, हवाई हमलों ने मिसाइल लॉन्चर, कात्यूशा रॉकेट दागने के अड्डे और हौती आतंकवादी मिलिशिया के हथियार डिपो को मअरिब और अल-जौफ प्रांतों के जुबा, सफरा और माजजर जिलों में निशाना बनाया। इन हमलों में हौती मिलिशिया के कई सदस्य, जिनमें मिसाइल दागने के विशेषज्ञ भी शामिल हैं, मारे गए।
राष्ट्रपति परिषद के सदस्य सुल्तान अरादा ने सभी सैन्य और सुरक्षा इकाइयों में युद्धक तैयारी और रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि प्रदर्शन में सुधार हो और मौजूदा हालात की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
यह बात अरादा ने यमनी रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल ताहिर अल-अकीली, चीफ ऑफ स्टाफ और ज्वाइंट ऑपरेशंस कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सगीर बिन अजीज और मअरिब में अरब गठबंधन के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल फारिस अल-शम्मरी के साथ बैठक में कही। बैठक में सैन्य हालात, तैयारियों और विभिन्न मोर्चों पर ऑपरेशनल योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
संयुक्त बलों की कमान ने भी घोषणा की कि गठबंधन ने अल-हुदैदा प्रांत में हौती आतंकवादी मिलिशिया के वैध सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक विशेष सैन्य अभियान चलाया। यह कार्रवाई लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हौती हमलों की प्रतिक्रिया में की गई।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि हौती मिलिशिया लगातार वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रही है, जिससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक को खतरा पैदा हो रहा है और उनका अपराध व समुद्री आतंकवाद का रिकॉर्ड बढ़ रहा है।
मालिकी ने जोर देकर कहा कि सऊदी अरब हर परिस्थिति में यमनी जनता और सरकार के साथ खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने यमनी लोगों को हौती आतंकवादी मिलिशिया के खिलाफ सऊदी समर्थन जारी रखने का भरोसा दिलाया।
इसी संदर्भ में, मालिकी ने स्पष्ट किया कि गठबंधन ने अल-हुदैदा बंदरगाह को निशाना नहीं बनाया है और सभी यमनी बंदरगाह, जिनमें हुदैदा, रास ईसा और सलीफ शामिल हैं, समुद्री यातायात के लिए खुले हैं और वहां खाद्य सामग्री, सामान, ईंधन और निर्माण सामग्री से लदी वाणिज्यिक जहाजों का आना जारी है। साथ ही, यमनी हवाई अड्डों के लिए उड़ानें भी जारी हैं।
