लेबनानी राष्ट्रपति ने शकीफ किले पर इज़राइली हमलों को बताया खतरनाक
राष्ट्रपति जोसेफ औन ने दक्षिण लेबनान में इज़राइल की लगातार कार्रवाई को गंभीर खतरा बताया, जो स्थिरता और कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करती है।
मुख्य बिंदु
AIलेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने दक्षिण लेबनान में इज़राइली उल्लंघनों और हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ये घटनाएँ बेहद गंभीर हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालती हैं और दोनों पक्षों के बीच फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करती हैं।
शुक्रवार को लेबनानी राष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी बयान में औन ने कहा कि इन धमाकों ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल ऐतिहासिक स्थलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया है, जिससे दक्षिण लेबनान के कई गाँवों में भारी तबाही हुई और नागरिकों की सुरक्षा और शांति प्रभावित हुई।
उन्होंने आगे बताया कि शकीफ किले के इलाके में हुए बड़े धमाकों से, लेबनान के राष्ट्रीय भूभौतिकी केंद्र के अनुसार, 3.8 तीव्रता के भूकंपीय झटके महसूस किए गए। औन ने इसे "मौजूदा प्रतिबद्धताओं का खुला उल्लंघन" बताया, जो फ्रेमवर्क समझौते के तहत शुरू हुई प्रक्रिया को खतरे में डालता है। लेबनान अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।
राष्ट्रपति औन ने कहा कि इन धमाकों का समय भी चिंताजनक है, क्योंकि रोम में त्रिपक्षीय कार्य योजना पर चर्चा के लिए होने वाली बैठक से ठीक पहले ये घटनाएँ हुईं। इससे नकारात्मक संदेश जाता है और दक्षिण में स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को कमजोर करता है। उन्होंने प्रायोजक देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे इन उल्लंघनों को रोकने के लिए हस्तक्षेप करें, ताकि कूटनीतिक प्रक्रिया में प्रगति की संभावना बनी रहे।
औन की यह टिप्पणी उस वक्त आई है जब इज़राइली सेना ने दक्षिण लेबनान के ऐतिहासिक शकीफ किले के आसपास बड़े पैमाने पर धमाके किए। राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की रात आधी रात के बाद हुए ये धमाके इतने जबरदस्त थे कि उनकी गूंज पूरे दक्षिण में सुनाई दी और आसपास के गाँवों में घरों की खिड़कियाँ टूट गईं।
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