उत्तर सीमांत में महान भालू और मकर राशि ने सजाया आसमान
उत्तर सीमांत क्षेत्र की गर्मी की रातों में महान भालू (Ursa Major) और मकर राशि (Capricornus) के तारामंडल आकर्षण का केंद्र बने हैं।
मुख्य बिंदु
AIउत्तर सीमांत क्षेत्र की गर्मियों की रातों में आसमान महान भालू (Ursa Major) और मकर राशि (Capricornus) के तारामंडलों से सज जाता है। यह खगोलीय दृश्य न केवल खगोल प्रेमियों को आकर्षित करता है, बल्कि इन दोनों तारामंडलों की ऐतिहासिक नेविगेशन और दिशाओं के निर्धारण में भूमिका को भी उजागर करता है।
उत्तर सीमांत क्षेत्र की स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एसोसिएशन के अध्यक्ष जाही अल-खलिवी ने बताया कि महान भालू (Ursa Major) तारामंडल में 'बड़ी कड़ाही' का आकार शामिल है। इसके दो प्रमुख तारे, दुब्ब (Dubhe) और मिराक (Merak), उत्तरी ध्रुव तारे (Polaris) की दिशा बताने के लिए इस्तेमाल होते रहे हैं, जिस पर पुराने समय में नाविक और यात्री उत्तर दिशा निर्धारित करते थे। इस तारामंडल में कई प्रमुख आकाशगंगाएँ भी शामिल हैं।
खलिवी ने आगे बताया कि मकर राशि (Capricornus) बारह राशियों में से एक है, जो गर्मियों की शामों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। इसका प्रमुख तारा 'दनेब अल-गदी' (Deneb Algedi) है। प्राचीन खगोलविद और यात्री इस तारामंडल का उपयोग अन्य तारामंडलों की स्थिति जानने और रात में दिशा पहचानने के लिए करते थे।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि उत्तर सीमांत क्षेत्र का साफ आसमान और कम प्रकाश प्रदूषण इसे सऊदी अरब के सर्वश्रेष्ठ खगोलीय अवलोकन स्थलों में से एक बनाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तारामंडलों का अवलोकन वैज्ञानिक संस्कृति के प्रसार और खगोल एवं अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि बढ़ाने में मदद करता है।
