सऊदी अरब का OIC में नेतृत्व, फिलिस्तीन पर एकजुटता को मजबूती
फिलिस्तीनी क्षेत्रों का मुद्दा OIC विदेश मंत्रियों की बैठक में प्रमुख रहा, सऊदी अरब ने संगठन और फिलिस्तीन के समर्थन में अपनी केंद्रीय भूमिका जारी रखी।
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फिलिस्तीनी क्षेत्रों का मुद्दा इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के एजेंडे में सबसे ऊपर रहा। इस दौरान, राजनीतिक विश्लेषक डॉ. फरात अल-बस्साम के अनुसार, सऊदी अरब ने संगठन के समर्थन और फिलिस्तीन के मसले पर एकजुटता को मजबूत करने में अपनी केंद्रीय भूमिका जारी रखी।
अल-बस्साम ने 'अल-इख़बारिया' चैनल से कहा कि सऊदी अरब OIC के समर्थन और फिलिस्तीन के मसले पर साझा रुख को मजबूत करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब की कूटनीतिक पहल ने स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में अहम योगदान दिया है।
राजनीतिक विश्लेषक ने यह भी बताया कि OIC की स्थापना का विचार सऊदी अरब ने ही उस वक्त दिया था, जब इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष चरम पर था। इससे सऊदी अरब की संगठन और फिलिस्तीन के मसले से गहरी जुड़ाव की पुष्टि होती है।
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अल-बस्साम ने इस्माइल वेल्द शेख अहमद के OIC के महासचिव चुने जाने का भी जिक्र किया और उन्हें 'बहुत ही प्रतिबद्ध इस्लामी अरब शख्सियत' बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास कूटनीति के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित महासचिव 'इस पद के पूरी तरह हकदार हैं', जो OIC का नेतृत्व करेंगे।
