मौसम केंद्र ने 'एल नीनो' रिपोर्टों में सटीकता बरतने की अपील की
राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने 'एल नीनो' पर रिपोर्टिंग में सटीकता की अहमियत बताई और गैर-वैज्ञानिक व्याख्याएँ फैलाने के जोखिम को लेकर आगाह किया।
मुख्य बिंदु
AIराष्ट्रीय मौसम केंद्र ने कहा है कि 'एल नीनो' जलवायु घटना पर उसकी रिपोर्ट को लेकर कुछ समाचार मंचों और सोशल मीडिया पर गलत और बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई जानकारियाँ और व्याख्याएँ प्रसारित हो रही हैं।
केंद्र ने स्पष्ट किया कि कुछ पक्षों ने 'दहन' जैसे गैर-वैज्ञानिक शब्दों का इस्तेमाल किया है, जिनका रिपोर्ट की सामग्री से कोई संबंध नहीं है। केंद्र ने वैज्ञानिक रूप से स्वीकृत शब्दावली के इस्तेमाल पर जोर दिया।
केंद्र ने बताया कि उसकी रिपोर्ट का उद्देश्य 'एल नीनो' के बनने और विकसित होने की अवस्थाओं को स्वीकृत जलवायु मॉडलों के आधार पर स्पष्ट करना है। साथ ही, उसने आगाह किया कि रिपोर्ट के अंशों को तोड़-मरोड़कर या गलत व्याख्या कर पेश करने से जानकारी का अर्थ बदल सकता है और जलवायु घटनाओं की प्रकृति व उनके प्रभावों को लेकर भ्रम फैल सकता है।
केंद्र ने सभी मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की कि वे सटीकता बरतें, केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें और उसे बिना बढ़ा-चढ़ाकर या तोड़-मरोड़कर साझा करें।
'एल नीनो' पर नियमित और पारदर्शी रिपोर्टें
इसी संदर्भ में, केंद्र ने बताया कि जलवायु परिवर्तन केंद्र 'एल नीनो' से जुड़ी किसी भी नई जानकारी के सामने आते ही नियमित और पारदर्शी रिपोर्टें जारी करेगा, ताकि विशेषज्ञों और आम जनता को विश्वसनीय वैज्ञानिक आधार पर ताज़ा जानकारी मिलती रहे।
