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शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

सऊदी अरब के परमाणु ऊर्जा की ओर बढ़ने के कारणों पर विशेषज्ञ की राय

ऊर्जा विशेषज्ञ डॉ. अनस अल-हज्जी ने कहा कि सऊदी अरब का परमाणु ऊर्जा की ओर रुख ऊर्जा सुरक्षा और तेल निर्यात बढ़ाने के लिए है।

अजेल हिंदी13 मिनट पहले · 1 मिनट का पठन
सऊदी अरब में परमाणु ऊर्जा संयंत्र का प्रतीकात्मक चित्र

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ऊर्जा बाजारों के विशेषज्ञ डॉ. अनस अल-हज्जी ने बताया कि सऊदी अरब के पास विशाल तेल और गैस भंडार होने के बावजूद वह परमाणु ऊर्जा की ओर क्यों बढ़ रहा है।

डॉ. अल-हज्जी ने 'अल अरबिया' चैनल पर बातचीत में कहा कि इसका पहला कारण यह है कि किसी भी देश, खासकर जी-20 देशों के लिए ऊर्जा स्रोतों में विविधता जरूरी है, क्योंकि यह राष्ट्रीय और ऊर्जा सुरक्षा की मांग है।

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में बिजली की खपत, विजन 2030 और उसके बाद की योजनाएं भविष्य में बिजली की मांग को काफी बढ़ा देंगी। अगर परमाणु और नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल नहीं किया गया, तो इससे अधिक तेल और गैस घरेलू स्तर पर खपत होगी, जिससे तेल का निर्यात घटेगा और राजस्व कम होगा।

उन्होंने आगे कहा, "लेकिन जब परमाणु और नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा, तो तेल का निर्यात बढ़ेगा, बिना उत्पादन में अतिरिक्त निवेश किए।"

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