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सऊदी अरब

सऊदी अरब चीन के साथ निवेश साझेदारी गहराने की दिशा में

सऊदी निवेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि सऊदी अरब चीन के साथ निवेश और औद्योगिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा वैश्विक बाजारों के लिए मूल्य श्रृंखलाएँ विकसित करने की दिशा में बढ़ रहा है।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 3 मिनट का पठन
सऊदी और चीन के निवेश अधिकारियों की बैठक

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सऊदी निवेश मंत्रालय में आर्थिक मामलों और निवेश अध्ययन के उप सचिव डॉ. साद अल-शहरानी ने कहा है कि सऊदी अरब चीन के साथ अपनी निवेश साझेदारी को गहराने की दिशा में अग्रसर है। इसके तहत दोनों देशों के बीच आपसी निवेश बढ़ाने, औद्योगिक साझेदारियाँ मजबूत करने और ऐसी मूल्य श्रृंखलाएँ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जो सऊदी, क्षेत्रीय और वैश्विक बाजारों की सेवा करें।

शंघाई में आयोजित 'सिलेक्ट' वित्तीय बाजार सम्मेलन के दौरान सऊदी-चीन निवेश रणनीतिक संवाद सत्र में बोलते हुए डॉ. अल-शहरानी ने कहा कि अगला चरण निवेश, निर्माण, नवाचार और साझा विकास पर केंद्रित रहेगा।

उन्होंने चीनी कंपनियों से सऊदी अरब में उपलब्ध निवेश अवसरों का लाभ उठाने और अगली पीढ़ी की औद्योगिक संरचनाओं के निर्माण में भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब निवेश के लिए एक ऐसा गंतव्य है, जो स्थिरता और मजबूती के साथ-साथ अवसर और विकास भी प्रदान करता है।

डॉ. अल-शहरानी ने बताया कि सऊदी विजन 2030 की शुरुआत के बाद से सऊदी अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव आए हैं। पिछले दशक में अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना हुआ है, स्थानीय निवेश (कुल स्थिर पूंजी निर्माण के आधार पर) भी दोगुना हुआ है और निजी क्षेत्र का योगदान भी बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का स्टॉक दोगुना हो गया है, इसकी प्रवाह दर लगभग पांच गुना बढ़ी है और देश में काम कर रही विदेशी कंपनियों की संख्या दस गुना से अधिक हो गई है। इसी दौरान सऊदी नागरिकों में महिला श्रम भागीदारी दोगुनी हुई है और बेरोजगारी दर 50% घटी है।

डॉ. अल-शहरानी ने बताया कि गैर-तेल स्थानीय निवेश सऊदी के गैर-तेल जीडीपी का लगभग 40% है, जिससे सऊदी अरब इस मामले में जी-20 देशों में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय निवेश रणनीति ने हर साल अपने घरेलू और विदेशी निवेश लक्ष्यों को पार किया है।

उन्होंने बताया कि सऊदी अरब प्रत्यक्ष विदेशी निवेश विश्वास सूचकांक में दुनिया के शीर्ष दस देशों में शामिल हो गया है। निवेशकों का विश्वास केवल नए पूंजी प्रवाह में ही नहीं, बल्कि व्यापार विस्तार, पुनर्निवेश और दीर्घकालिक निवेश प्रतिबद्धताओं में भी दिखता है।

डॉ. अल-शहरानी ने कहा कि सऊदी अरब निवेश के अवसरों का इंतजार नहीं करता, बल्कि उन्हें खुद बनाता है। विजन 2030 ने न केवल निवेश माहौल को बेहतर बनाया है, बल्कि पर्यटन, खनन, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, तकनीक, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अन्य उभरते क्षेत्रों में नए सेक्टर और अवसर भी पैदा किए हैं।

उन्होंने कहा कि अब निवेश केवल विकास का परिणाम नहीं, बल्कि उसका मुख्य चालक बन गया है। अगले चरण में उच्च गुणवत्ता और अधिक उत्पादक निवेश आकर्षित करने, और निवेश के आकार के बजाय उसके आर्थिक प्रभाव को मापने पर जोर रहेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निवेश के प्रभाव का आकलन इसमें योगदान, उत्पादकता में वृद्धि, तकनीक और ज्ञान का स्थानांतरण, गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजन, नए बाजारों का खुलना और निर्यात बढ़ाने जैसे पहलुओं से किया जाएगा।

अंत में डॉ. अल-शहरानी ने दोहराया कि सऊदी अरब चीनी कंपनियों को केवल निवेश के लिए नहीं, बल्कि सऊदी, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भविष्य की औद्योगिक संरचनाओं के निर्माण में साझेदारी के लिए आमंत्रित करता है।

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