सऊदी चिकित्सा उपलब्धि: बच्चों की हार्ट सर्जरी के बाद अस्पताल में ठहराव 44% घटा
रियाद स्थित किंग फैसल स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल ने बच्चों की जन्मजात हृदय दोष सर्जरी के बाद अस्पताल में रहने की अवधि 44% कम की है।
मुख्य बिंदु
AIरियाद के किंग फैसल स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर ने बच्चों में जन्मजात हृदय दोष की सर्जरी के बाद अस्पताल में ठहरने की अवधि 44% तक घटाने में सफलता पाई है। यह उपलब्धि उन मामलों में दर्ज की गई है, जो कम इनवेसिव सर्जरी के लिए उपयुक्त थे। नई तकनीक से इलाज के बाद औसत भर्ती अवधि पारंपरिक सर्जरी के 9 दिनों से घटकर 5 दिन रह गई है।
यह उपलब्धि बच्चों में जन्मजात हृदय दोष के लिए कम इनवेसिव सर्जरी कार्यक्रम के तहत मिली है, जिसे अस्पताल ने 2023 के मध्य में शुरू किया था। इसमें छाती की हड्डी पूरी तरह खोलने के बजाय पसलियों के बीच एक छोटा चीरा लगाकर हृदय तक पहुंचा जाता है।
यह कार्यक्रम किंग फैसल स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर की क्षेत्रीय नेतृत्वकारी भूमिका को मजबूत करता है। यह केंद्र क्षेत्र में बच्चों के लिए बाईं ओर के हृदय दोष की कम इनवेसिव सर्जरी करने वाला एकमात्र संस्थान है।
अस्पताल के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हार्ट के कार्यकारी निदेशक डॉ. हानी अल-सरजानी ने बताया कि कम इनवेसिव सर्जरी को 54 बच्चों पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इससे यह साबित होता है कि यह कार्यक्रम जटिल और संवेदनशील मामलों को संभालने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस पद्धति से छाती की दीवार पर सर्जरी का असर कम होता है, ऑपरेशन के बाद दर्द घटता है, बच्चे जल्दी सांस ले पाते हैं और जल्दी चल-फिर सकते हैं, जिससे उनका और उनके परिवार का इलाज का अनुभव बेहतर और कम बोझिल होता है।
कार्यक्रम की निदेशक डॉ. मरियम अल-ओमैर ने बताया कि इस तरह की सर्जरी बच्चों की शारीरिक बनावट के छोटे आकार और हृदय में सर्जिकल हस्तक्षेप की संवेदनशीलता के कारण बेहद सटीकता मांगती है।
उन्होंने आगे कहा कि इन सर्जरी की सफलता हृदय सर्जरी, एनेस्थीसिया और आईसीयू टीमों के समन्वय पर निर्भर करती है, खासकर बहुत छोटे बच्चों के मामलों में। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत तीन महीने के एक शिशु, जिसका वजन महज चार किलोग्राम था, की भी सफल सर्जरी की गई।
अस्पताल ने बताया कि सर्जरी के बाद ठहराव की अवधि कम होने से हार्ट सेंटर में इलाज की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हुई है। इससे भर्ती अवधि घटती है, योग्य मामलों की शेड्यूलिंग में लचीलापन बढ़ता है, देखभाल की प्रक्रिया सुगम होती है और अधिक मरीजों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिल पाती हैं।
