सरकारी गजट में 'सहकारी व्यवस्था' को मंजूरी का फैसला प्रकाशित
सरकारी गजट 'उम अल-कुरा' ने कैबिनेट के फैसले के तहत सहकारी व्यवस्था को मंजूरी देने का आदेश प्रकाशित किया है।
मुख्य बिंदु
AIसरकारी गजट 'उम अल-कुरा' ने कैबिनेट का फैसला संख्या (278), 19/3/1448 हिजरी को प्रकाशित किया है, जो सहकारी व्यवस्था के मसौदे से जुड़ा है।
'उम अल-कुरा' के अनुसार, यह फैसला शाही दीवान से प्राप्त मामले (संख्या 922, तारीख 3/1/1448 हिजरी) और मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्री की पत्राचार (संख्या 169130, तारीख 5/9/1443 हिजरी) के अवलोकन के बाद जारी किया गया।
फैसला सहकारी व्यवस्था के मसौदे, सहकारी समितियों के मौजूदा कानून (शाही फरमान संख्या म/14, तारीख 10/3/1429 हिजरी), शाही फरमान संख्या (म/94, तारीख 22/10/1442 हिजरी), कैबिनेट के फैसले (संख्या 618, तारीख 20/10/1442 हिजरी), गैर-लाभकारी क्षेत्र के राष्ट्रीय केंद्र के संगठन, और विशेषज्ञ समिति की कई रिपोर्टों व ज्ञापनों के अध्ययन के बाद लिया गया।
साथ ही, यह निर्णय आर्थिक और विकास मामलों की परिषद की सिफारिश, राजनीतिक और सुरक्षा मामलों की परिषद की पत्राचार, शूरा काउंसिल के दो फैसलों और कैबिनेट की आम समिति की सिफारिश के बाद लिया गया।
निर्णय के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
पहला: संलग्न प्रारूप में सहकारी व्यवस्था को मंजूरी दी जाती है।
दूसरा: शाही फरमान संख्या (म/94, तारीख 22/10/1442 हिजरी) के दूसरे अनुच्छेद को रद्द किया जाता है।
तीसरा: सभी नियमों, आदेशों और निर्देशों में 'सहकारी समिति' के स्थान पर 'सहकारी' शब्द का प्रयोग किया जाएगा।
चौथा: व्यवस्था लागू होने के समय मौजूद सभी सहकारियों को अपनी स्थिति और बुनियादी उपविधियों को 12 महीने के भीतर नए कानून और उसकी कार्यकारी उपविधियों के अनुरूप संशोधित करना होगा। इसके लिए शाही फरमान का मसौदा भी तैयार किया गया है।
पांचवां: मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्रालय, अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय कर, सहकारियों को उनके कार्यों के लिए सुविधाएं और विशेषाधिकार देगा। साथ ही, वित्त मंत्रालय और सामाजिक सहायता प्रणाली की मंत्री समिति के साथ सहमति के बाद, सहकारियों को अतिरिक्त सहायता भी दी जा सकेगी ताकि उनके कार्यों की शुरुआत और समस्याओं का समाधान हो सके।
छठा: मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और सामाजिक सहायता प्रणाली की मंत्री समिति के साथ मिलकर, सहायता देने की स्पष्ट प्रक्रिया, प्रकार, शर्तें और वितरण का तरीका तय करेगा।
सातवां: मंत्रालय, सहकारी क्षेत्र को दी जा रही सहायता की समीक्षा करेगा और व्यवस्था लागू होने के पांच साल बाद इसकी रिपोर्ट पेश करेगा, जिसमें यह भी बताया जाएगा कि आगे सहायता जारी रखने की आवश्यकता है या नहीं।
आठवां: गैर-लाभकारी क्षेत्र के राष्ट्रीय केंद्र के संगठन की धारा (5) में संशोधन किया जाएगा:
1- अनुच्छेद (8) को हटाया जाएगा और क्रम पुनः निर्धारित किया जाएगा।
2- अनुच्छेद (3) को इस प्रकार संशोधित किया जाएगा: 'अनुच्छेद (6), (7), (8) और (9) में उल्लिखित सदस्यों की नियुक्ति कैबिनेट द्वारा तीन साल के लिए की जाएगी, जिसे एक बार और बढ़ाया जा सकता है।'
नौवां: कैबिनेट के फैसले संख्या (618, तारीख 20/10/1442 हिजरी) के बारहवें अनुच्छेद को हटाया जाता है।
