ख़ादिमुल हरमैन उमरा-ज़ियारत कार्यक्रम के मेहमानों ने मक्का में 'वही' प्रदर्शनी देखी
ख़ादिमुल हरमैन उमरा-ज़ियारत कार्यक्रम के दूसरे दल के मेहमानों ने मक्का के हिरा सांस्कृतिक क्षेत्र में 'वही' प्रदर्शनी का दौरा किया, ताकि उन्हें इस्लामी इतिहास और पैगंबर की जीवनी से जुड़े स्थलों से परिचित कराया जा सके।
मुख्य बिंदु
AIख़ादिमुल हरमैन उमरा और ज़ियारत कार्यक्रम के दूसरे दल के मेहमानों ने, जिसे इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय संचालित करता है, कल मक्का के हिरा सांस्कृतिक क्षेत्र में 'वही' प्रदर्शनी का दौरा किया। यह दौरा उस सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसे मंत्रालय ने मेहमानों के अनुभव को समृद्ध करने और उन्हें पैगंबर की जीवनी व इस्लामी इतिहास से जुड़े स्थलों से परिचित कराने के लिए तैयार किया है।
दौरे के दौरान मेहमानों ने प्रदर्शनी की सामग्री देखी, जिसमें 'वही' की कहानी, पैगंबरों की कथाएँ और पैगंबर मुहम्मद की जीवनी के प्रमुख पड़ावों को ज्ञानवर्धक तरीके से प्रस्तुत किया गया। साथ ही, आधुनिक तकनीक के माध्यम से 'वही' के अवतरण की कहानी और ग़ार-ए-हिरा तथा इस्लामी संदेश की शुरुआत से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों को इंटरैक्टिव रूप में दिखाया गया।
मेहमानों ने प्रदर्शनी में मौजूद ज्ञानवर्धक सामग्री, ऑडियो-विजुअल तकनीक और इंटरैक्टिव प्रस्तुतियों के ज़रिए ऐतिहासिक जानकारियाँ आधुनिक अंदाज़ में प्राप्त कीं, जिससे वे 'वही' के अवतरण के चरणों और उससे जुड़ी अहम घटनाओं के साथ-साथ इस स्थान के इस्लामी इतिहास में महत्व को भी समझ सके।
मेहमानों ने प्रदर्शनी की ज्ञानवर्धक सामग्री और इंटरैक्टिव प्रस्तुतियों की सराहना की, आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था और विविध प्रस्तुति शैलियों की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि इस दौरे ने उन्हें 'वही' के अवतरण से जुड़ी घटनाओं को और गहराई से जानने का अवसर दिया और मक्का में उनके अनुभव को समृद्ध किया।
उन्होंने यह भी बताया कि उमरा के दौरान होने वाली सांस्कृतिक यात्राएँ मेहमानों की यात्रा में ज्ञान का नया आयाम जोड़ती हैं और उन्हें इस्लामी इतिहास और पैगंबर की जीवनी से जुड़े कई स्थलों को जानने का मौका देती हैं।
'वही' प्रदर्शनी का यह दौरा, ख़ादिमुल हरमैन उमरा-ज़ियारत कार्यक्रम के मेहमानों के लिए आयोजित सांस्कृतिक गतिविधियों और कार्यक्रमों का हिस्सा है, जिसे इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय संचालित करता है। इसमें मक्का और मदीना के कई इस्लामी और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा भी शामिल है, जिससे मेहमानों के अनुभव को समृद्ध किया जा सके और उन्हें इस्लामी इतिहास व पैगंबर की जीवनी के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जा सके।
