विदेश मंत्री के संबोधन में सऊदी नीति की दिशा स्पष्ट
किंग सऊद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अली अल-अनज़ी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री के संबोधन ने सऊदी नीति की दिशा और विभिन्न मुद्दों पर उसके रुख को स्पष्ट किया है।
मुख्य बिंदु
AIकिंग सऊद विश्वविद्यालय में मीडिया के प्रोफेसर डॉ. अली अल-अनज़ी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री द्वारा दिया गया सऊदी अरब का संबोधन देश की नीति की दिशा और विभिन्न मसलों पर उसके रुख को दर्शाता है।
उन्होंने चैनल 'अल-इख़बारिया' से बातचीत में कहा कि संयुक्त राष्ट्र हर देश के लिए अपनी नीति और जटिल मुद्दों पर अपने रुख को पेश करने का एक मंच है।
अल-अनज़ी ने बताया कि विदेश मंत्री ने सऊदी अरब पर हुए बर्बर हमलों की निंदा की, जो अच्छे पड़ोसी संबंधों की नीति के अनुरूप नहीं हैं। साथ ही उन्होंने जलमार्गों, खासकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसमें निर्बाध आवाजाही पर किसी भी तरह की पाबंदी न लगाने के मुद्दे को भी उठाया।
उन्होंने यह भी बताया कि संबोधन में यमन और वहां की वैधता के लिए सऊदी समर्थन और लगभग 29 अरब डॉलर की सहायता का उल्लेख किया गया, जिससे सऊदी अरब यमन का सबसे बड़ा समर्थक देश बनता है।
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