जतका ने ई-इनवॉयसिंग के 'रब्त व तकामुल' चरण के लिए चयन मानदंड तय किए
सऊदी कर और सीमा शुल्क प्राधिकरण (जतका) ने ई-इनवॉयसिंग के 'रब्त व तकामुल' चरण के लिए 25वीं समूह की लक्षित कंपनियों के चयन का मानदंड तय किया है।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी कर और सीमा शुल्क प्राधिकरण 'जतका' ने ई-इनवॉयसिंग के 'रब्त व तकामुल' (एकीकरण और समन्वय) चरण के लिए 25वें समूह में शामिल कंपनियों के चयन का मानदंड तय किया है। प्राधिकरण ने बताया कि इस समूह में वे सभी कंपनियाँ शामिल हैं जिनकी वैट योग्य आय 2022, 2023, 2024 या 2025 में 187,500 सऊदी रियाल से अधिक रही है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि वह 25वें समूह की सभी लक्षित कंपनियों को सूचित करेगा, ताकि इन कंपनियों के ई-इनवॉयसिंग सिस्टम को 'फातूरा' सिस्टम से जोड़ने और समन्वय की प्रक्रिया 1 फरवरी 2027 से शुरू की जा सके।
जतका ने बताया कि दूसरे चरण — यानी 'रब्त व तकामुल' — में पहले चरण (जारी और संग्रहण) की तुलना में अतिरिक्त शर्तें लागू होंगी। इनमें करदाताओं के ई-इनवॉयसिंग सिस्टम को 'फातूरा' से जोड़ना, निर्धारित फॉर्मेट में ई-इनवॉयस जारी करना और इनवॉयस में अतिरिक्त जानकारियाँ शामिल करना शामिल है। यह चरण क्रमबद्ध रूप से अलग-अलग समूहों पर लागू किया जाएगा और प्राधिकरण हर समूह को निर्धारित तारीख से कम से कम छह महीने पहले सूचित करेगा।
जतका ने यह भी कहा कि ई-इनवॉयसिंग का दूसरा चरण सऊदी अरब में आर्थिक विकास और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में जारी प्रयासों का हिस्सा है। पहले चरण की सफलता के बाद, जिसमें उपभोक्ता संरक्षण का स्तर बढ़ा, प्राधिकरण ने करदाताओं की जागरूकता और त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की।
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