ईरान को अमेरिकी युद्धविराम फैसले की रणनीति पर संदेह
ईरान को आशंका है कि अमेरिका का युद्धविराम फैसला केवल एक रणनीतिक कदम है, न कि स्थायी समाधान।
मुख्य बिंदु
AIईरानी अध्ययन कार्यक्रम के निदेशक डॉ. नबील अल-अतूम ने कहा कि ईरान को आशंका है कि अमेरिका का युद्धविराम का फैसला केवल एक रणनीतिक कदम हो सकता है।
अल-अतूम ने 'अरबिया एफएम' से बातचीत में कहा कि क्षेत्र में ऐसे संकेत मिल रहे हैं जो इस फैसले को रणनीतिक बताते हैं—जैसे कि बी-1 बमवर्षकों और एफ-35 लड़ाकू विमानों की तैनाती। इसका मतलब है कि अमेरिका अब केवल नियंत्रण की नीति नहीं, बल्कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कूटनीति विफल होने पर लंबी दूरी की कार्रवाई के लिए तैयार हो रहा है।
ईरानी अध्ययन कार्यक्रम के निदेशक ने आगे कहा कि अमेरिका कई संभावित परिदृश्यों के लिए तैयारी कर रहा है। इसमें व्यापक हवाई अभियानों के विकल्प, अमेरिकी बलों और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन सुरक्षा, ईरान पर दबाव बनाकर उसे रियायतें देने और वार्ता की बहाली के प्रयास शामिल हैं। साथ ही, चिकित्सा दलों और ईंधन भरने वाले विमानों की तैनाती से संकेत मिलता है कि अमेरिका त्वरित कार्रवाई नहीं, बल्कि लंबी अवधि के लिए तैयार है।
गौरतलब है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है, जबकि क्षेत्र में सैन्य तैनाती को बढ़ाया जा रहा है। इससे ईरानी नेतृत्व में चिंता बढ़ी है, खासकर तब जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता की राह भी मुश्किल दिख रही है।
अमेरिकी अखबार 'न्यूयॉर्क टाइम्स' के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसे इराकी प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने तेहरान को सौंपा था। अखबार ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि तेहरान अस्थायी समझौते में रुचि नहीं रखता, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का मुद्दा अनसुलझा रह जाए।
X पर ट्वीट देखें
