ईरान में फ्रांसीसी राजनयिकों पर हमले की यूरोपीय संघ ने निंदा की
यूरोपीय संघ ने तेहरान स्थित फ्रांसीसी दूतावास के दो राजनयिकों पर 19 जुलाई को ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की है।
मुख्य बिंदु
AIयूरोपीय संघ ने तेहरान स्थित फ्रांस के दूतावास के दो राजनयिकों पर हुए हमले की निंदा की है, जिसे 19 जुलाई को ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा अंजाम दिया गया बताया गया है।
यूरोपीय संघ की विदेश और सुरक्षा नीति मामलों की उच्च प्रतिनिधि काया कालास ने एक बयान में कहा कि यह घटना वियना संधियों का गंभीर उल्लंघन है और इससे राजनयिक संबंधों की प्रक्रिया खतरे में पड़ सकती है।
फ्रांस के विदेश मंत्री जॉन नोएल बारो ने 20 जुलाई को बताया था कि दोनों राजनयिकों को बीती रात ईरानी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा 'बेहद गंभीर डराने-धमकाने की कार्रवाई' का सामना करना पड़ा, जिसमें से एक पर हमला भी हुआ।
उन्होंने कहा कि दोनों को घंटों तक बिना किसी कारण के हिरासत में रखा गया, पूछताछ की गई और एक राजनयिक के साथ मारपीट की गई, इसके बाद ही उन्हें दूतावास लौटने दिया गया। दोनों राजनयिक पिछले सप्ताह फ्रांस लौट आए।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को तेहरान स्थित फ्रांसीसी राजदूत को तलब कर इन राजनयिकों पर 'ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप' का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया।
मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि इन राजनयिकों ने 'नागरिक समाज से संपर्क के बहाने ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप' किया।
