हिसाब अल-मुवातिन: इन हालात में विवाहित महिला बन सकती है मुख्य लाभार्थी
हिसाब अल-मुवातिन ने बताया कि कुछ विशेष स्थितियों में विवाहित महिला मुख्य लाभार्थी के रूप में पंजीकरण कर सकती है, अन्यथा उसे परिवार के मुखिया के तहत जोड़ा जाएगा।
मुख्य बिंदु
AIहिसाब अल-मुवातिन कार्यक्रम ने स्पष्ट किया है कि विवाहित महिला कुछ निर्धारित परिस्थितियों में मुख्य लाभार्थी के रूप में पंजीकरण कर सकती है, बशर्ते वह आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करे।
कार्यक्रम ने अपनी आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) पेज पर बताया कि जिन हालात में विवाहित महिला को मुख्य लाभार्थी के रूप में पंजीकरण की अनुमति है, उनमें शामिल हैं: उसका विवाह किसी गैर-सऊदी से हुआ हो, परिवार का मुखिया जेल में हो, उसकी पात्रता समाप्त हो गई हो, या पति लापता हो।
एक्स पर ट्वीट देखें
हिसाब अल-मुवातिन ने यह भी बताया कि यदि उपरोक्त में से कोई भी स्थिति लागू नहीं होती, तो महिला को परिवार के मुखिया के तहत आश्रित के रूप में जोड़ा जाएगा।
यह स्पष्टीकरण एक महिला के सवाल के जवाब में आया, जिसने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से पति द्वारा छोड़ी गई है और उसका पति 'हिसाब अल-मुवातिन' से उसके नाम पर धन प्राप्त कर रहा है और उसके नाम का विभिन्न जगहों पर इस्तेमाल कर रहा है। महिला ने यह भी बताया कि पति द्वारा दायर 'नुशूज़' के मुकदमे के बाद अदालत ने उसके भरण-पोषण के अधिकार को अस्वीकार कर दिया है।
