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सऊदी अरब

सऊदी समेत 8 अरब-इस्लामी देशों की ग़ज़ा में तत्काल राहत की मांग

न्यूयॉर्क में सऊदी सहित आठ देशों के विदेश मंत्रियों ने ग़ज़ा की स्थिति पर चर्चा कर, तुरंत मानवीय राहत और व्यापक योजना लागू करने की अपील की।

अजेल हिंदी55 मिनट पहले · 3 मिनट का पठन
न्यूयॉर्क में अरब-इस्लामी विदेश मंत्रियों की बैठक

मुख्य बिंदु

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सऊदी अरब, मिस्र, कतर, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने 21 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान ग़ज़ा पट्टी की ताज़ा स्थिति पर बैठक की।

मंत्रियों ने ग़ज़ा में जारी मानवीय संकट पर गहरी चिंता जताई और इज़राइल से व्यापक योजना के पहले चरण के तहत अपनी ज़िम्मेदारियाँ तुरंत निभाने, विशेषकर मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण सामग्री की तत्काल, सुरक्षित और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा बुनियादी ढांचे की बहाली में सहयोग देने की मांग की। उन्होंने संघर्षविराम और सभी उल्लंघनों को रोकने की आवश्यकता दोहराई।

मंत्रियों ने अपने बयान में कहा कि रोडमैप, व्यापक योजना का अभिन्न हिस्सा है और यह दूसरे चरण के लिए ढांचा उपलब्ध कराता है, जिसमें हथियारों का सीमितीकरण, इज़राइली सेना की पूरी तरह वापसी, अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल की तैनाती और ग़ज़ा के प्रबंधन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय समिति को सौंपना शामिल है। साथ ही, पुनर्निर्माण और शुरुआती राहत कार्यों की शुरुआत पर भी ज़ोर दिया गया। सभी पक्षों से अपनी प्रतिबद्धताएँ ईमानदारी से और बिना देरी निभाने की अपील की गई।

जबरन विस्थापन और एकतरफा कदमों का विरोध

मंत्रियों ने फिलिस्तीनी जनता के जबरन निष्कासन या विस्थापन के किसी भी प्रयास, या कब्ज़े वाले क्षेत्रों के भौगोलिक या जनसांख्यिकीय स्वरूप को बदलने की कोशिशों का विरोध दोहराया। उन्होंने इज़राइली नियंत्रण को मजबूत करने के लिए उठाए गए अवैध कदमों—जैसे बस्तियों का विस्तार, ज़मीन की जब्ती, फिलिस्तीनी घरों का ध्वस्तीकरण और बस्तियों द्वारा हिंसा—की कड़ी निंदा की और इन गतिविधियों को तुरंत रोकने की मांग की।

मंत्रियों ने यरुशलम में इस्लामी और ईसाई पवित्र स्थलों की ऐतिहासिक और कानूनी स्थिति को कमजोर करने वाले उपायों पर भी चिंता जताई।

अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का स्वागत, दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन

मंत्रियों ने ब्रिटेन द्वारा हाल में उठाए गए कदमों और यूरोपीय प्रयासों का स्वागत किया, जो इज़राइली बस्तियों के विस्तार के जवाब में उठाए गए हैं। साथ ही, उन्होंने बस्तियों के विस्तार को रोकने और बस्तीवासियों की हिंसा के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

मंत्रियों ने दोहराया कि ग़ज़ा पट्टी फ़िलिस्तीनी भूमि का अभिन्न हिस्सा है और व्यापक योजना का क्रियान्वयन पश्चिमी तट (जिसमें पूर्वी यरुशलम भी शामिल है) और ग़ज़ा के पुन: एकीकरण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए, जिससे फिलिस्तीनी जनता को आत्मनिर्णय और पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर स्वतंत्र, संप्रभु राज्य की स्थापना का रास्ता खुले—दो-राष्ट्र समाधान के तहत।

अमेरिकी भूमिका और शांति प्रक्रिया को समर्थन

मंत्रियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की और व्यापक योजना के क्रियान्वयन में अमेरिका की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अमेरिका से सभी पक्षों की प्रतिबद्धताओं को लागू कराने और रोडमैप के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सक्रिय भूमिका जारी रखने का आह्वान किया।

मंत्रियों ने अमेरिका, शांति परिषद, फिलिस्तीनी प्राधिकरण और सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि व्यापक योजना और रोडमैप को लागू किया जा सके, फिलिस्तीनी जनता की पीड़ा कम हो और क्षेत्र में न्यायपूर्ण व स्थायी शांति स्थापित हो।

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