पाकिस्तानी विशेषज्ञ: 'मक्का समझौता' समिति ने साझा प्रतिरोध की रणनीति पर चर्चा की
इस्लामाबाद सेंटर फॉर पॉलिटिकल स्टडीज के निदेशक अब्दुल करीम शाह ने बताया कि 'मक्का समझौता' की रणनीतिक समिति की पहली बैठक में क्षेत्रीय हालात के मद्देनज़र तीन देशों के साझा प्रतिरोध को सक्रिय करने के उपायों पर चर्चा हुई।
मुख्य बिंदु
AIइस्लामाबाद सेंटर फॉर पॉलिटिकल स्टडीज के निदेशक अब्दुल करीम शाह ने कहा कि 'मक्का समझौता' की राजनीतिक-रक्षा रणनीतिक समिति की पहली बैठक में क्षेत्रीय हालात के बीच तीन देशों के साझा प्रतिरोध को सक्रिय करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
उन्होंने चैनल 'अल-इख़बारिया' से बातचीत में बताया कि बैठक में किसी भी सदस्य देश को चुनौती मिलने की स्थिति में साझा प्रतिरोध को सक्रिय करने, क्षेत्रीय घटनाक्रम, अशांति और संयुक्त बलों की उच्चतम तैयारियों पर भी चर्चा हुई। साथ ही, बैठक में साझा रक्षा उद्योगों और क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी उथल-पुथल की निगरानी पर भी विचार किया गया।
'मक्का समझौता' के तहत रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के विदेश और रक्षा मंत्रियों तथा सशस्त्र बलों के प्रमुखों की इस्तांबुल में हुई बैठक के बाद एक बयान जारी किया।
बयान में तीनों देशों ने क्षेत्रीय जिम्मेदारियों के तहत शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने, तनाव कम करने और संकटों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, 'मक्का समझौता' के तहत सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने, सामूहिक एकजुटता मजबूत करने, साझा प्रतिरोध और रक्षा की विश्वसनीयता व प्रभावशीलता बढ़ाने और क्षेत्र में न्यायपूर्ण, समावेशी व स्थायी शांति के लिए योगदान देने पर सहमति बनी।
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